संस्था की आवश्यकता
वर्ष 1969 से पहले ज्वालपा धाम में कोई नियमित संस्था या संगठन नहीं था। कोई सुविधाऐं नहीं थी। मां ज्वालपा के कुछ भक्तों ने, जिनमें श्री सुरेशानंद जी थपलियाल (मासी), श्री धर्मानंद जी थपलियाल (सिमतोली), नारायण दत्त जी थपलियाल (खैड़), और उर्वी दत्त जी थपलियाल (ईडा) के सामूहिक चिंतन से एक समिति बनाने पर विचार हुआ।
विक्रम संवत 2026 के कार्तिक माह की 3 गते तदुनसार, 19 अक्टूबर 1969 के दिन श्री ज्वालपा देवी मंदिर समिति, पौड़ी गढ़वाल की स्थापना की। इस सम्मेलन की अध्यक्षता ग्राम पालकोट निवासी श्री सत्य प्रसाद थपलियाल जी ने की थी। इस कार्यकारिणी में निम्नलिखित पदाधिकारियों का चयन आम सभा द्वारा किया गया था। नारायणदत्त जी थपलियाल प्रधान, सत्य प्रसाद जी थपलियाल मंत्री चुने गए। इनके अलावा सच्चिदानंद जी अणथ्वाल, थपलियाल उपाध्यक्ष, भैरव दत्त जी अणथ्वाल-कोषाध्यक्ष, धर्मानंद जी गणेश मणि जी अणथ्वाल, उर्वी दत्त जी थपलियाल, उमाकांत जी थपलियाल, ठाकुर सिंह बिष्ट, वचन सिंह बिष्ट और जयकृत सिंह बिष्ट जी सदस्य चुने गए। बाद में श्री ज्वालपा देवी मंदिर समित्ति गढ़वाल का पंजीकरण करवा लिया गया। पंजीयन सं. 307/1-24482 दिनांकित 25/05/1971 है।